श्री शंत्रुजय महातीर्थ के १०८ नाम
ॐ र्ही श्री शत्रुंजय तीॅर्थाधीपति आदिनाथाय नमः
श्री सुधर्मा स्वामीजी गणधर ने शत्रुंजय महातम्य ग्रंथ मे शत्रुंजय तीर्थ के.108 नाम दिए हैं।
इन नामो को रोज सुबह बोलने और सुनने से सर्वे संपत्तियो की प्राप्ती होती है और सर्वे विपत्तियों का नाश होता है ।
ये नाम इस प्रकार के है :-
01 श्री शत्रुंजय गिरि ।
02 श्री बाहुबली गिरि ।
03 श्री मरूदेव गिरि ।
04 श्री पुंडरीक गिरि ।
05 श्री रैवत गिरि ।
06 श्री सुभद्र गिरि ।
07 श्री सदभद्र गिरि ।
08 श्री शाश्वत गिरि ।
09 श्री पुष्पदंत गिरि ।
10 श्री कैलास गिरि ।
11 श्री कंचन गिरि ।
12 श्री कनक गिरि ।
13 श्री ढंक गिरि ।
14 श्री लौहीत्य गिरि ।
15 श्री तालध्वज गिरि ।
16 श्री कदंब गिरि ।
17 श्री स्वगॅ गिरि ।
18 श्री नांदी गिरि ।
19 श्री तापस गिरि ।
20 श्री ब्रह्म गिरि ।
21 श्री ऊदय गिरि ।
22 श्री नंदीवधॅन गिरि ।
23 श्री मुकतीनिलय गिरि ।
24 श्री अर्बुद गिरि ।
25 श्री सुर गिरि ।
26 श्री महा गिरि ।
27 श्री महायश गिरि ।
28 श्री महानंद गिरि ।
29 श्री महाबल गिरि ।
30 श्री जयंत गिरि ।
31 श्री आनंद गिरि ।
32 श्री श्रीपद गिरि ।
33 श्री हस्तीसेन गिरि ।
34 श्री माल्यवंत गिरि ।
35 श्री विभास गिरि ।
36 श्री विशाल गिरि ।
37 श्री भव्य गिरि ।
38 श्री हेम गिरि ।
39 श्री श्रेष्ठ गिरि ।
40 श्री ऊज्वल गिरि ।
41 श्री चचॅ गिरि ।
42 श्री आलंबन गिरि ।
43 श्री प्रत्यक्ष गिरि ।
44 श्री सिध्धिपद अर्पणगिरि ।
45 श्री वैजयंत गिरि ।
46 श्री सिध्धक्षेत्र गिरि ।
47 श्री सूरशैल गिरि ।
48 श्री सूर प्रिय गिरि ।
49 श्री पर्वतेन्द्रं गिरि ।
50 श्री विमलाद्रि गिरि ।
51 श्री पुण्यराशी गिरि ।
52 श्री श्रेयःपद गिरि ।
53 श्री प्रभुपद गिरि ।
54 श्री अजरामरपद गिरि ।
55 श्री द्रढ शक्ति गिरि ।
56 श्री अनंत शक्ति गिरि ।
57 श्री अकर्मक गिरि ।
58 श्री अकलंक गिरि ।
59 श्री मुकतीगेह गिरि ।
60 श्री महातीरथ गिरि ।
61 श्री महापद्म गिरि ।
62 श्री महापीठ गिरि ।
63 श्री पृथ्वीपीठ गिरि ।
64 श्री भद्रपीठ गिरि ।
65 श्री पातालमुल गिरि ।
66 श्री सर्वकामद गिरि ।
67 श्री सिद्धाचल गिरि ।
68 श्री सिद्धिराज गिरि ।
69 श्री सुतीर्थ राज गिरि ।
70 श्री सहत्राख्य गिरि ।
71 श्री सहत्रपत्र गिरि ।
72 श्री सारस्वत गिरि ।
73 श्री भगीरथ गिरि ।
74 श्री अष्टोतर शतकुट गिरि ।
75 श्री नगेश गिरि ।
76 श्री शतपत्रक गिरि ।
77 श्री कोडीनीवास गिरि ।
78 श्री कपॅदीवास गिरि ।
79 श्री विजयानंद गिरि ।
80 श्री विश्वानंद गिरि ।
81 श्री सहजानंद गिरि ।
82 श्री जयानंद गिरि ।
83 श्री श्रेयानंद गिरि ।
84 श्री भद्रंकर गिरि ।
85 श्री क्षेमंकर गिरि ।
86 श्री शिवंकर गिरि ।
87 श्री दुःखहर गिरि ।
88 श्री यशोघर गिरि ।
89 श्री मेरुमहीघर गिरि ।
90 श्री कर्मसुदन गिरि ।
91 श्री कर्म क्षय गिरि ।
92 श्री जगतारण गिरि ।
93 श्री भवतारण गिरि ।
94 श्री राजराजेश्र्वर गिरि ।
95 श्री केवलदायक गिरि ।
96 श्री इन्दप्रकाश गिरि ।
97 श्री महोदय गिरि ।
98 श्री कयुंब गिरि ।
99 श्री प्रीतिमंडण गिरि ।
100 श्री क्षितिमंडलमंडन गिरि ।
101 श्री ज्योति स्वरुप गिरि ।
102 श्री विजयभद्र गिरि ।
103 श्री विलासभद्र गिरि ।
104 श्री गुणकंद गिरि ।
105 श्री अभयकंद गिरि ।
106 श्री अमरकेतु गिरि ।
107 श्री आतमसिद्धि गिरि ।
108 श्री सवाॅथॅसिद्ध गिरि ।
। जय जय श्री आदिनाथ ।
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