महामंगलकारी शांतिपाठ
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• हजारों लोगों की वर्षों की मांग आज पूरी हुई.
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• रोग, शोक, भय, उपद्रव, चिन्ता और अशांति के निवारण के लिये प्राचीन विधान....
• चमत्कारों के निधान श्री शांतिनाथ भगवान के आज जन्म व मोक्ष कल्याणक तथा कल दीक्षा कल्याणक पर्व के उपलक्ष्य में प्रस्तुत....
• शांतिपाठ की विशिष्ट बातें....
• यह जिनशासन की महान् उज्ज्वल परंपरा में सदियों से सुना जाता है....
• यह विविध प्राचीन सिद्ध मंत्रों का सार है....
• यह नैष्ठिक ब्रह्मचारी साधकों की पवित्र साधनाओं से निष्पन्न हैं....
• यह अशांत मन और अस्थिर जीवन को शांति व स्थिरता प्रदान करता है....
• यह धीरता और पॉजिटिविटी देता है....
• इसमें सकल विश्व की सुरक्षा और शांति की कामना है....
• यह भाव अहिंसा और भावदया का कारक बन सकता है....
• दिल्ली, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और विदेश में रहते जैन बंधुओं की बार-बार मांग थी कि शांतिपाठ का ऑडियो या विडिओ बनाया जायें....
• ताकि वह जिनालय के ध्वजारोहण, मृत्यु के बाद शोक निवारण एवं समय-समय पर मंगल प्रसंगों में काम आ सकें.
• निश्चित ही यह प्रयास साधु-साध्वीजी की अनुपस्थिति में बहुत उपयोगी सिद्ध होगा.
• प्रतिदिन इसका भावपूर्वक श्रवण करना भी अत्यंत लाभदायी होगा.
– आचार्य विमलसागरसूरिजी महाराज
(Nayi Soch, Sahi Disha)
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