टोपीक :-नवकार🌺
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🔴60} नवकार के 5 पदों के अंक से ।।।।।।। कर्म दूर हो जाते है
🔵 अष्ट कर्म
🔴61} पढम हवई मंगल का अर्थ ।।।।।।। मंगल है
🔵श्रेष्ठ
62 🔴} नवकार में चुलीका को ।।।।।। कहते है
🔵शिखर
63🔴} नमो अरिहन्तानम पद से।।।।।।।। तीर्थ को वंदन होता है
🔵अष्टापद
64🔴 } नवकार सर्व मन्त्रो में।।।।।।।।। है
🔵शिरोमणि
🔴65 } नवकार वाली 4 अँगुली ऊपर रखके ।।।।।।।। से गिननी चाहिये
🔵अँगूठा
66🔴}नवकार के ।।।।। संख्या के ऊपर। ।।।।।।। गुणस्थान बने हुए है
🔵अड़सठ। चौदह
🔴67 } नमो shidhanm। पद से ।।।।।।।।।तीर्थ को वन्दन होता है
🔵सिद्धाचल
🔴68} kausag। में 1 लोगस्स के बदले ।।।।।। नवकार गिनते है
🔵चार
🔴69 } नवकार की धयान केलिए ।।।।।।। की कल्पना करके जप करना चाहिये
🔵कमल
🔴70} नवकार में गुरुतत्व को नमस्कार। करते अक्षरो की संख्या ।।।।। है
🔵तेबीस
🔴71} नमो आयरियाणं पड़ से ।।।।।। तीर्थ को वन्दन होता है
🔵 आबू
72 🔴}नवकार का kausag ।।।।।।।। में करना चाहिये
🔵जिनमुद्रा
🔴73 } श्री aksat पूजा।।।।।।।।।। मुद्रा में होती है
🔵73} chaturalpadam। चतुरलपदम्म
🔴74 } नैवेद्य पूजा ।।।।।।। मुद्रा में होती है
🔵 संपुट
🔴75} नवकार की आराधना में उपाध्याय पद की पूजा ।।।।।।।।। रत्न से होती है
🔵नीलम
🔴76} प्लास्टिक की माला गिने नही कियोकि उसमे ।।।।।।।। चर्बी होती है
🔵बैल
77🔴}नवकार औऱ।।।।। ,।।।।।।। है
🔵77 } आत्मा साश्वत
78 🔴} चावल का साथिया ।।।।।।।। अंगुली से करना चाहिये
🔵78 तर्जनी
🔴79} ।।।।।।।।।।। समरो नवकार,हवे से चवद पुर्वनो सार
🔵79 मंगल मय
🔴80 } नवकार जी आराधना ।।।।। दिवस के ।।।।।। के एकासना से होती है
🔵80 बीस, खीर
🔴81} [ नवकार के पांचवे पद में ।।।।।। अक्षर है
🔵 81 9
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