आत्मिय!
आज से प्रारंभ हो रहा है दिव्य शक्ति की साधना का।
आप भी अवश्य आराधना करें।
मंत्र है.. ॐ श्रींम ह्रींम श्रींम श्रीदेव्यै नमः
रोज 21 माला का जाप करे।
पूर्व, पश्चिम, या उत्तर दिशा सन्मुख बैठे।
माला श्वेत, लाल, पीली, स्फटिक कोई भी चलेगी।
आसन बिछाकर ही बैठे।
सर्वप्रथम 3 नवकारमंत्र या 9 बार अपने इष्टदेव का नाम लेकर ही साधना प्रारंभ कीजिये।
कोई भी समय यह जाप कर सकते हो।
प्रान्ते.. यह साधना आप सभी के सर्वमनोकामना पूर्ण करनेवाली हो।
✍जैनाचार्य अभयसेनसूरि
मंत्रेश्वर पार्श्वधाम, पालीताणा, गुजरात
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