हे उपकारी कृपा वरसावो
सिद्धशिला ए म्हने तेडाओ
राह जोवु राह जोवु
प्रभु आवशे ने लई जाशे
जन्मो नि प्रीति म्हारी
आंखों बोले
आंसूओना सागर छलके
युग युग ना स्वामी
तमें हैयु बोले
प्रित मा म्हारु मनडू डोले
हैयु म्हारु हवे नही वशमा
ओ भगवंत म्हने पासे बोलावो
सिद्धशिला ए म्हने तेडाओ
राह जोवु राह जोवु
प्रभु आवशे ने लई जाशे
तारो मारो लागे म्हने
प्यारो प्यारो
आपो म्हने वेश तमारो
पापना थिर करवा म्हारे
आजीवन मा
संयम केरा भाव प्रगटावो
मारग साचो आ जगमा
मलजो म्हने आ भवमा
ओ वितरागी राग तोड़ाओ
वैरागी ना भाव प्रगटावो
राह जोवु राह जोवु
प्रभु आवशे ने लई जाशे
हर्षित शाह
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